गुरुवार, 18 जून 2015

बीज का चाँद

प्रत्येक वार को एक त्योहार, वाले इस देश में जाने कितने शुभ दिन बनाए गये है जीवन के प्रत्येक पल को जीने के लिए, उल्लास प्रकट करने के लिए, पूजा पाठ करने के लिए और इस मनुष्य जाति के निर्माता को धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए।
आज दूज के चाँद पर चल रही मुबारकों के साथ आपको बता रहा हूं कि थार के रेगिस्तान का जनमानस बीज के चाँद में बहूत आस्था रखता है।
बीज के दिन पर यहाँ कईं देवी-देवताओं की पूजा होती है।
खासतौर पर पीरों की पूजा। चाँद का बेसब्री से इंतज़ार करते है यहां के लोग। ज्यों ही चाँद दिखता है तो इष्ट को चढाते है मखाने और दूध।
बीज के चाँद को देखकर यहाँ के लोग आने वाले दिनों के गर्भ में छुपी चीज़ों के कयास लगाते है और अाने वाले वक्त का भविष्य पता करते है। चाँद सीधा है या थोड़ा टेढा है, विभिन्न मुद्राओं के अनुसार बारिश कैसी होगी या आने वाले दिन कैसे होंगे इसके बारे में पता लगाते है।
चाँद देखने के लिए दूज के दिन बच्चे-बूढे सब घर की छतों पर टकटकी लगाये रहते है और ज्यों ही किसी को नज़र आता है चाँद तो लोग छतों पर से एक-दूजे को बताने लगते है। और फिर शुरू हो जाते है दूध और प्रसाद चढाने में, ताकि चाँद अस्त हो उससे पहले ही यह सम्पन्न हो जाये।

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